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समाज: अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएं B.Ed Notes

Published by: Ravi Kumar
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समाज का अर्थ है, “एक ऐसा समूह जिसमें लोग एक-दूसरे के साथ नियमित रूप से संपर्क में रहते हैं और एक-दूसरे पर प्रभाव डालते हैं।” समाज में लोग विभिन्न प्रकार के संबंधों में होते हैं, जैसे परिवार, पड़ोस, दोस्ती, कार्यस्थल, आदि। ये संबंध समाज को एक जटिल और जीवंत संरचना बनाते हैं।

समाज की परिभाषाएं

विभिन्न विद्वानों ने समाज की अलग-अलग परिभाषाएं दी हैं। कुछ प्रमुख परिभाषाएं निम्नलिखित हैं:

  • एडम स्मिथ के अनुसार, “समाज वह कृत्रिम व्यवस्था है जो मनुष्यों ने अपनी पारस्परिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए की है।”
  • मैकाइवर के अनुसार, “समाज एक ऐसा समूह है जो स्थायी और नियमित संबंधों द्वारा एकजुट होता है।”
  • गिडिंस के अनुसार, “समाज एक जटिल संरचना है जो सामाजिक संबंधों और संस्थाओं द्वारा बनी होती है।”
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इन परिभाषाओं से स्पष्ट होता है कि समाज एक ऐसा समूह है जिसमें लोग एक-दूसरे के साथ नियमित रूप से संपर्क में रहते हैं और एक-दूसरे पर प्रभाव डालते हैं। समाज को स्थायी और नियमित संबंधों द्वारा एकजुट किया जाता है। यह एक जटिल संरचना है जो सामाजिक संबंधों और संस्थाओं द्वारा बनी होती है।

समाज की विशेषताएं

समाज की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • समाज एक समूह है। समाज में लोग एक-दूसरे के साथ नियमित रूप से संपर्क में रहते हैं और एक-दूसरे पर प्रभाव डालते हैं।
  • समाज में सामाजिक संबंध होते हैं। समाज में लोग विभिन्न प्रकार के संबंधों में होते हैं, जैसे परिवार, पड़ोस, दोस्ती, कार्यस्थल, आदि। ये संबंध समाज को एक जटिल और जीवंत संरचना बनाते हैं।
  • समाज स्थायी होता है। समाज में सामाजिक संबंध और संस्थाएं स्थायी होती हैं।
  • समाज में नियम होते हैं। समाज में लोगों के व्यवहार को नियंत्रित करने के लिए नियम होते हैं।
  • समाज में संस्थाएं होती हैं। समाज में लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए संस्थाएं होती हैं।
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समाज के प्रकार

समाज को विभिन्न आधारों पर वर्गीकृत किया जा सकता है। कुछ प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं:

  • आकार के आधार पर: समाज को छोटे समाज, मध्यम आकार के समाज और बड़े समाज में वर्गीकृत किया जा सकता है।
  • स्थिति के आधार पर: समाज को ग्रामीण समाज, शहरी समाज और अर्ध-शहरी समाज में वर्गीकृत किया जा सकता है।
  • संस्कृति के आधार पर: समाज को एकल संस्कृति वाला समाज और बहुसंस्कृति वाला समाज में वर्गीकृत किया जा सकता है।
  • तकनीक के आधार पर: समाज को पूर्व-औद्योगिक समाज, औद्योगिक समाज और उत्तर-औद्योगिक समाज में वर्गीकृत किया जा सकता है।

समाज एक जटिल और जीवंत संरचना है। यह मनुष्यों के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। समाज हमें अपनी जरूरतों को पूरा करने, अपने जीवन का अर्थ खोजने और दूसरों के साथ जुड़ने में मदद करता है।

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Ravi Kumar is a content creator at Sarkari Diary, dedicated to providing clear and helpful study material for B.Ed students across India.

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