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साक्षात्कार कौशल (Interview Skills) → अवधारणा, प्रक्रिया और तैयारी

Published by: Ravi Kumar
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Introduction

‘साक्षात्कार’ (Interview) शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच भाषा के शब्द ‘Entrevoir’ से हुई है, जिसका अर्थ है “एक-दूसरे को देखना” (To see each other) या “मिलना”।

तकनीकी रूप से, साक्षात्कार एक औपचारिक बैठक (Formal Meeting) है जिसमें एक या अधिक व्यक्ति (Interviewers) किसी अन्य व्यक्ति (Interviewee) से प्रश्न पूछते हैं ताकि उसकी योग्यता (Suitability), ज्ञान (Knowledge), और व्यक्तित्व (Personality) का आकलन किया जा सके। यह संचार का एक द्विमार्गी (Two-way) और उद्देश्यपूर्ण (Purposeful) रूप है।

स्कॉट (Scott) के अनुसार, “साक्षात्कार दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच एक उद्देश्यपूर्ण विचारों का आदान-प्रदान है।”

स्नातक विद्यार्थियों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि साक्षात्कार केवल “नौकरी पाने” के लिए नहीं होता, बल्कि यह शोध (Research), परामर्श (Counseling), और मूल्यांकन (Appraisal) के लिए भी प्रयोग किया जाता है।

Interview Skills

साक्षात्कार के उद्देश्य (Objectives of Interview)

साक्षात्कार आयोजित करने के पीछे कई उद्देश्य होते हैं:

  1. चयन (Selection): किसी पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार (Candidate) को चुनना।
  2. सूचना प्राप्त करना (Gathering Information): उम्मीदवार के कौशल, व्यवहार और अनुभव के बारे में जानना जो रिज्यूमे (Resume) में नहीं लिखा होता।
  3. व्यक्तित्व का आकलन (Personality Assessment): उम्मीदवार के आत्मविश्वास, तनाव प्रबंधन (Stress Management) और संचार कौशल की जाँच करना।
  4. सूचना देना (Giving Information): उम्मीदवार को कंपनी, कार्य संस्कृति (Work Culture) और जॉब प्रोफाइल के बारे में बताना।

साक्षात्कार के प्रकार (Types of Interviews)

आधुनिक कॉर्पोरेट जगत में साक्षात्कार के कई स्वरूप होते हैं। एक अभ्यर्थी (Candidate) को इनके लिए तैयार रहना चाहिए:

(A) संरचना के आधार पर (Based on Structure)

  1. संरचित साक्षात्कार (Structured Interview): इसमें प्रश्न पहले से निर्धारित (Pre-planned) होते हैं। सभी उम्मीदवारों से एक ही क्रम में समान प्रश्न पूछे जाते हैं। यह निष्पक्ष (Unbiased) होता है।
  2. असंरचित साक्षात्कार (Unstructured Interview): इसमें कोई पूर्व-निर्धारित प्रश्नावली नहीं होती। बातचीत उम्मीदवार के उत्तरों के आधार पर किसी भी दिशा में जा सकती है। यह उम्मीदवार के व्यक्तित्व को गहराई से जानने के लिए होता है।

(B) उद्देश्य के आधार पर (Based on Objective)

  1. पैनल साक्षात्कार (Panel Interview): इसमें एक साक्षात्कारकर्ता के बजाय विशेषज्ञों का एक समूह (Board/Panel) होता है। प्रत्येक सदस्य अलग-अलग पहलुओं (जैसे- तकनीकी, एचआर, मनोवैज्ञानिक) की जाँच करता है।
  2. तनाव साक्षात्कार (Stress Interview): यह जानबूझकर उम्मीदवार को असहज (Uncomfortable) करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है। इसमें कठिन प्रश्न पूछे जाते हैं या आक्रामक व्यवहार किया जाता है ताकि यह देखा जा सके कि उम्मीदवार दबाव (Pressure) में कैसे प्रतिक्रिया देता है।
  3. व्यवहारपरक साक्षात्कार (Behavioral Interview): यह इस सिद्धांत पर आधारित है कि “अतीत का व्यवहार भविष्य के प्रदर्शन का सबसे अच्छा संकेतक है।” इसमें पूछा जाता है: “उस समय के बारे में बताएं जब आपने किसी मुश्किल समस्या को सुलझाया हो।”

(C) माध्यम के आधार पर (Based on Medium)

  1. आमने-सामने (Face-to-Face): पारंपरिक तरीका।
  2. टेलीफोनिक साक्षात्कार (Telephonic Interview): प्रारंभिक स्क्रीनिंग (Screening) के लिए।
  3. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Interview): ज़ूम (Zoom) या गूगल मीट के माध्यम से, जो आज के समय में बहुत प्रचलित है।

साक्षात्कार की प्रक्रिया (The Interview Process)

एक सफल साक्षात्कार तीन चरणों में विभाजित होता है: पूर्व-साक्षात्कार (Pre-interview), साक्षात्कार के दौरान (During Interview), और साक्षात्कार के बाद (Post-interview)।

चरण 1: साक्षात्कार से पहले की तैयारी (Preparation)

सफलता की नींव इसी चरण में रखी जाती है।

  • आत्म-विश्लेषण (Self-Analysis): अपनी ताकतों (Strengths), कमजोरियों (Weaknesses), रुचियों और करियर लक्ष्यों को जानें। आपको पता होना चाहिए कि आप यह नौकरी क्यों चाहते हैं।
  • शोध (Research): जिस कंपनी या संस्थान में जा रहे हैं, उसके बारे में पूरी जानकारी (जैसे- उत्पाद, सेवाएं, टर्नओवर, प्रतिस्पर्धी) जुटाएं।
  • दस्तावेज़ (Documents): अपने रिज्यूमे (CV), प्रमाण पत्र, और पोर्टफोलियो की प्रतियां व्यवस्थित करें।
  • वेशभूषा (Dress Code): औपचारिक कपड़े (Formals) पहनें। कपड़े साफ, इस्त्री किए हुए और सभ्य (Decent) होने चाहिए। याद रखें, “First impression is the last impression.”

चरण 2: साक्षात्कार के दौरान (Execution)

यह ‘प्रदर्शन’ (Performance) का समय है।

  • समय की पाबंदी (Punctuality): निर्धारित समय से कम से कम 15-20 मिनट पहले पहुँचें।
  • प्रवेश (Entry): अनुमति लेकर ही कमरे में प्रवेश करें। आत्मविश्वास के साथ चलें।
  • अशाब्दिक संचार (Non-verbal Communication):
    • हैंडशेक (Handshake): यदि हाथ मिलाया जाए, तो वह दृढ़ (Firm) होना चाहिए, न बहुत ढीला और न बहुत कड़ा।
    • आँख मिलाना (Eye Contact): बात करते समय साक्षात्कारकर्ताओं की आँखों में देखें। यह ईमानदारी और आत्मविश्वास दर्शाता है।
    • मुस्कान (Smile): चेहरे पर हल्की मुस्कान तनाव को कम करती है।
    • बैठने का तरीका (Posture): सीधे बैठें, झुकें नहीं और न ही हाथों को क्रॉस करके बैठें।
  • सुनना (Listening): प्रश्न को पूरा सुनें। बीच में न काटें। यदि प्रश्न समझ न आए, तो विनम्रता से दोहराने के लिए कहें।

चरण 3: साक्षात्कार के बाद (Follow-up)

  • साक्षात्कार समाप्त होने पर धन्यवाद (Thank you) कहकर निकलें।
  • घर पहुँचकर एक औपचारिक ‘धन्यवाद ईमेल’ (Thank you email) भेजना एक अच्छी पेशेवर आदत है।

प्रश्नों का उत्तर देने की तकनीक: STAR विधि (STAR Method)

व्यवहारपरक प्रश्नों (जैसे- “अपनी किसी उपलब्धि के बारे में बताएं”) का उत्तर देने के लिए STAR तकनीक का प्रयोग करें। यह उत्तर को कहानी की तरह व्यवस्थित करता है:

  1. S – Situation (स्थिति): वह संदर्भ या चुनौती बताएं जिसका आपने सामना किया।
  2. T – Task (कार्य): आपको क्या करना था या आपका लक्ष्य क्या था।
  3. A – Action (कार्रवाई): आपने उस स्थिति को संभालने के लिए विशेष रूप से क्या कदम उठाए।
  4. R – Result (परिणाम): आपके कार्यों का अंतिम परिणाम क्या रहा (कोशिश करें कि इसे आंकड़ों में बताएं)।

सामान्य प्रश्न और उनके उत्तर (Common Questions)

परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है कि सामान्य प्रश्नों के उत्तर कैसे दें:

  1. “अपने बारे में बताएं” (Tell me about yourself):
    • यह सबसे आम प्रश्न है। इसमें अपनी पूरी जीवन कहानी न सुनाएं।
    • सूत्र: वर्तमान स्थिति + पिछला अनुभव + भविष्य के लक्ष्य + आप इस भूमिका के लिए उपयुक्त क्यों हैं।
  2. “आपकी सबसे बड़ी कमजोरी क्या है?” (What is your biggest weakness?):
    • कभी न कहें कि “मुझमें कोई कमी नहीं है।”
    • ऐसी कमजोरी बताएं जो नौकरी को प्रभावित न करे और साथ ही यह भी बताएं कि आप उसे सुधारने के लिए क्या कर रहे हैं। (जैसे: “मैं कभी-कभी काम में इतना डूब जाता हूँ कि समय का ध्यान नहीं रहता, लेकिन अब मैं टाइम मैनेजमेंट टूल्स का उपयोग कर रहा हूँ।”)
  3. “हम आपको क्यों चुनें?” (Why should we hire you?):
    • अपने कौशलों (Skills) को कंपनी की जरूरतों (Requirements) के साथ जोड़कर उत्तर दें।

क्या करें और क्या न करें (Do’s and Don’ts)

क्या करें (Do’s)क्या न करें (Don’ts)
पहले से मॉक इंटरव्यू (Mock Interview) का अभ्यास करें।बिना तैयारी के साक्षात्कार में न जाएं।
उत्तर संक्षिप्त और बिंदुवार (To-the-point) दें।झूठ न बोलें या तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर न बताएं।
अपनी उपलब्धियों (Achievements) को उदाहरण के साथ बताएं।अपने पिछले बॉस या कंपनी की बुराई (Criticize) न करें।
अंत में प्रश्न पूछें (जैसे: “मेरी भूमिका क्या होगी?”)।वेतन (Salary) के बारे में तब तक न पूछें जब तक वे न छेड़ें।
मोबाइल फोन को ‘साइलेंट’ या ‘बंद’ रखें।साक्षात्कार के दौरान घड़ी बार-बार न देखें।

निष्कर्ष (Conclusion)

निष्कर्षतः, साक्षात्कार केवल एक प्रश्न-उत्तर सत्र नहीं है, बल्कि यह आपके संपूर्ण व्यक्तित्व का परीक्षण है। सफलता केवल अकादमिक ज्ञान (Academic Knowledge) पर निर्भर नहीं करती, बल्कि आपके प्रस्तुतिकरण (Presentation), संचार कौशल (Communication Skills), और सकारात्मक दृष्टिकोण (Positive Attitude) पर निर्भर करती है।

एक स्नातक विद्यार्थी के रूप में, आपको अपने तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ ‘सॉफ्ट स्किल्स’ (Soft Skills) को निखारने पर भी ध्यान देना चाहिए। उचित तैयारी, आत्मविश्वास और STAR विधि का प्रयोग करके किसी भी साक्षात्कार को सफलतापूर्वक पास किया जा सकता है।

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Ravi Kumar is a content creator at Sarkari Diary, dedicated to providing clear and helpful study material for B.Ed students across India.

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